गन्ना विकास विभाग का एक सिंहावलोकन वर्ष 2025 में किसानों के हित में गन्ना विकास विभाग के महत्वपूर्ण फैसले

* वर्ष 2025 में नवीन अगेती गन्ना किस्म को.शा.19231, को. से 17451 एवं को. लख. 16470 (मध्य-देर) गन्ना विकास विभाग ने किसानों के लिए अवमुक्त किया।
* पहली बार “मुख्यमंत्री गन्ना कृषक विशेष प्रशिक्षण” कार्यक्रम शुरू कर प्रदेश के 2 लाख कृषकों को गन्ने की वैज्ञानिक खेती हेतु प्रशिक्षित किया गया।
* प्रथम बार विभागीय अधिकारियों के फील्ड विजिट की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नया निरीक्षण पोर्टल प्रारम्भ किया गया, जिससे किसानों के साथ-साथ परस्पर संवाद से खेती व कार्य की बढ़ेगी गुणवत्ता।
* सहकारी गन्ना समितियों के 259 भवनों का जीर्णोद्धार एवं खाद्य गोदामों का नव निर्माण एवं उसका संचालन प्रारम्भ किया गया।
* कृषकों के व्यापक हितो के दृष्टिगत पहली बार पेड़ी एवं शरदकालीन पौधा धारक कृषकों अतिरिक्त बांडिंग की सुविधा 5वें पक्ष में अनुमन्य की गयी।
* पेराई सत्र 2025-26 में यदि कृषक मैकेनिकल हारवेस्टिंग हेतु आवेदन करने की स्थिति में कृषकों को पारिवारिक कैलेण्डर की सुविधा प्रदान करने की व्यवस्था।
* गन्ना आपूर्ति व्यवस्था में सैनिक, अर्द्ध सैनिकबलों, भूतपूर्व सैनिकों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिए पृथक एवं प्राथमिक कोटा लागू किया गया।
* प्रदेश में सत्र 2024-25 में संचालित कुल 122 चीनी मिलों द्वारा 956.09 लाख टन गन्ने की रिकार्ड पेराई कर 92.45 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया।
* प्रदेश की चीनी मिलों की पेराई क्षमता में रिकार्ड वृद्धि के साथ लगभग 8.48 लाख टन प्रतिदिन की जा रही गन्ना पेराई।
* प्रदेश में औद्योगिक पुर्नउद्धार के कम में 04 नई चीनी मिलों की स्थापना तथा 44 से अधिक चीनी मिलों के आधुनिकीकरण से 1,24,500 टी.सी.डी. अतिरिक्त पेराई क्षमता का किया गया सृजन हुआ और लगभग 6824 करोड़ का अतिरिक्त पूंजी निवेश हुआ।
* वर्तमान सरकार द्वारा वर्ष 2017 से अब तक गन्ना किसानों को रूपया 3,00,654 करोड़ से अधिक का रिकार्ड गन्ना मूल्य भुगतान कराया गया।
* प्रदेश सरकार द्वारा पेराई सत्र 2025-26 हेतु गन्ना मूल्य दरों में 30 रूपये प्रति कुन्तल की अभूतपूर्व वृद्धि की गयी, जिससे गन्ना किसानों को लगभग 3000 करोड़ का अतिरिक्त गन्ना मूल्य प्राप्त होगा।
-1-* स्मार्ट गन्ना किसान (SGK) के माध्यम से कृषकों को गन्ना सर्वे सट्टा, कैलेन्डर, पर्ची की ऑनलाइन, रियल टाईम जानकारी, ” ई-गन्ना” मोबाइल ऐप वेब पोर्टल www.upcane.in के माध्यम से हो रही उपलब्ध ।
* वर्ष 2025 में SGK पोर्टल पर गन्ना कृषकों के भू-लेख से सम्बन्धित डाटा के सत्यापन हेतु राजस्व परिषद की API को SGK से किया गया एकीकृत।
* पहली बार साईबर सुरक्षा के दृष्टिगत SGK पर उपलब्ध गन्ना किसानों के समस्त आंकड़ों आदि को और सुरक्षित करने हेतु स्टेट डाटा सेन्टर सर्वर पर भी होस्ट किया गया।
* फार्म मशीनरी बैंकों में 979 कृषियंत्रों, 78 सक्षम समितियों में 55 हार्स पावर के ट्रैक्टर एवं छोटे गन्ना हार्वेस्टर्स की भी किसानों के लिए सुलभ कराये गये।
* गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित निदान के लिए टोल-फ्री गन्ना किसान काल सेन्टर 1800-121-3203 को 24×7 कियाशील किया गया।
* औसत गन्ना उत्पादकता 72.38 मी.टन प्रति.हे. (वर्ष 2016-17 से बढ़कर 83.25 मी.टन प्रति हे. वृद्धि होने से गन्ना किसानों की आय में औसतन रूपया 400 प्रति कुन्तल की दर से रूपया 43,480 प्रति हे. की हुई वृद्धि।
* इतिहास में पहली बार महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथकिता दिये जाने के निर्णय से प्रदेश की लगभग 60,000 छोटी महिला गन्ना किसानों को सीधे तौर पर मिल रहा है लाभ।
* अब तक 3163 महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन से 60.57 करोड़ गन्ना सीडलिंग तैयार की गयी।
* प्रदेश में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत पहली बार ड्रोन दीदीयों द्वारा 131 ड्रोन का उपयोग कर गन्ना खेतों में उर्वरकों एवं दवाओं का किया गया छिड़काव ।
* वर्ष 2025 में बूंद-बूंद से अधिक गन्ना उत्पादन हेतु प्रदेश के 15040 हे. गन्ना क्षेत्रफल में ड्रिप इरीगेशन संयंत्र की हुई स्थापना।
* वर्ष 2025 में टिश्यू कल्चर तकनीक से शुद्ध एवं उच्च गुणवत्ता युक्त बीज गन्ना सम्बर्द्धन पर गन्ना विभाग का विशेष बल।
* गन्ना मूल्य भुगतान में फिसड्डी 11 चीनी मिलों के खिलाफ वसूली प्रमाण पत्र तथा 11 चीनी मिलों के विरूद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज।
लखनऊः 31 दिसम्बर, 2025
प्रदेश के मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में गन्ना विकास विभाग के गन्ना मंत्री, लक्ष्मी नारायण चौधरी व मा. राज्यमंत्री, संजय गंगवार के मार्गदर्शन में गन्ना कृषकों के व्यापक हितों के दृष्टिगत प्रदेश की अपर मुख्य सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास, वीना कुमारी के निर्देशन में आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, मिनिस्ती एस. द्वारा गन्ना किसानों के हित में निरन्तर कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2025 में गन्ना विकास विभाग द्वारा लिए गये महत्वपूर्ण फैसलों से 47 लाख गन्ना किसानों के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार के साथ आर्थिक रूप से भी समृद्धि आयी है।
-2-वर्ष 2025 में गन्ना विकास विभाग ने उ.प्र. गन्ना शोध परिषद, शाहजहाँपुर द्वारा नई गन्ना किस्म को.शा. 19231, को.से. 17451 एवं को. लख. 16470 (मध्य-देर) को गन्ना किसानों के लिए अवमुक्त किया है। भारतीय गन्ना अनुसंधान लखनऊ द्वारा विकसित किस्म को. लख. 16470 मध्य-देर से पकने वाली गन्ना किस्म है, इसकी औसत उपज 82.50 टन प्रति हे. तथा गन्नें में शर्करा 13.20 प्रतिशत है।
पहली बार “मुख्यमंत्री गन्ना कृषक विशेष प्रशिक्षण” कार्यक्रम शुरू कर प्रदेश के लगभग लाखों कृषकों को गन्ने की वैज्ञानिक खेती हेतु प्रशिक्षित किया गया। उक्त प्रशिक्षण से विभागीय योजनाओं, उन्नत गन्ना किस्मों की पहचान व कृषि निवेशों आदि की उपलब्धता एवं उस पर अनुमन्य छूट, सहफसली खेती, ड्रिप सिंचाई, मृदा परीक्षण, संतुलित उर्वरकों के प्रयोग, बीज एवं भूमि उपचार का महत्व व विधियों एवं गन्ने में लगने वाले रोग एवं कीट की पहचान, नियंत्रण एवं बचाव आदि से सम्बन्धित बिन्दुओं पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया।
वर्ष 2025 में विभागीय अधिकारियों के फील्ड विजिट की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नया निरीक्षण पोर्टल प्रारम्भ किया गया, जिससे किसानों के साथ परस्पर संवाद से विभागीय कार्यों की गुणवत्ता बढ़ेगी। इसके साथ ही वर्ष 2025 में विभागीय भवनों के कुल 259 भवनों का जीर्णोद्धार व रंगाई, पुताई का कार्य गुणवत्ता पूर्वक यूनिक कलर कोंडिग के अनुसार पूर्ण कराया गया।
विभाग ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए पेराई सत्र 2025-26 के लिए कृषक हितैषी गन्ना सट्टा एवं आपूर्ति नीति जारी करते हुए लघु महिला गन्ना किसानों व अति लघु कृषकों को गन्ना आपूर्ति में विशेष प्राथमिकता प्रदान की गयी है। पहली बार पेड़ी एवं शरदकालीन पौधा धारक कृषकों के अतिरिक्त बांडिंग की सुविधा 5वें पक्ष में दी जायेंगी तथा ग्रामीण महिलाओं सशक्त बनाने के दृष्टिगत प्रथम बार लघु महिला गन्ना किसानों (81 कु.या 09 पर्ची बेसिक मोड) को शत-प्रतिशत पेडी गन्ने की पर्चियॉ 01 से 03 पक्ष में तथा पौधे गन्ने की पर्चियाँ 07 से 09 पक्ष में जारी की जा रही है, अतिलघु गन्ना किसानों (36 कु. या 04 पर्ची बेसिक मोड) शत-प्रतिशत पेडी गन्ने की पर्चियां प्रथम पक्ष में तथा पौधे गन्ने की पर्चियाँ 7वें पक्ष में उपलब्ध करायी गयी है।
पेराई सत्र 2025-26 में यदि कृषक मैकेनिकल हार्वेस्टिंग हेतु आवेदन करता है तो ऐसे कृषक को पारिवारिक कैलेण्डर की सुविधा प्रदान की जायेंगी। गन्ना आपूर्ति व्यवस्था में सैनिक, अर्द्ध सैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिए पृथक से प्राथमिक कोटा लागू किया गया है, जिससे समय से इनकी गन्ना आपूर्ति हेतु पर्चियॉ प्राप्त हो सकें।
प्रदेश में संचालित कुल 122 चीनी मिलों में उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम की 03, उ.प्र.सहकारी चीनी मिल संघ के 23 और निजी क्षेत्र की 96 चीनी मिलों द्वारा 956.09 लाख टन गन्नें की पेराई कर 92.45 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया। वर्ष 2025 में प्रदेश की चीनी मिलों की पेराई क्षमता में वृद्धि के साथ लगभग 8.48 लाख टन प्रतिदिन हो गयी है।
-3-प्रदेश की चीनी मिलों के औद्योगिक पुर्नउद्धार के क्रम में पिपराईच, मुण्डेरवा, रमाला में नई चीनी मिलों की स्थापना की गयी तथा 44 से अधिक चीनी मिलों का आधुनिकीकरण किया गया। जिससे अब तक कुल 1,24,500 टी.सी.डी. अतिरिक्त पेराई क्षमता का किया गया सृजन किया गया जिससे प्रदेश में अब तक लगभग 6824 करोड़ का अतिरिक्त पूंजी निवेश हुआ है।
वर्ष 2017 से अब तक गन्ना किसानों को रूपया 3,00,654 करोड़ का रिकार्ड गन्ना मूल्य भुगतान कराया गया है। प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य दरों में अभूतपूर्व वृद्धि करते हुए पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य की दरों में रूपया 30 प्रति कुन्तल की वृद्धि की गयी है। अगेती प्रजातियों के लिए रूपया 400 प्रति कुन्तल एवं सामान्य प्रजातियों के लिए रूपया 390 प्रति कुन्तल की दर निर्धारित की गयी है। उक्त बढोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग रूपया 3,000 करोड़ का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त होगा।
वर्ष 2025 में पहली बार SGK पोर्टल पर गन्ना कृषकों के भू-लेख से सम्बन्धित डाटा के सत्यापन हेतु राजस्व परिषद की API को SGK से एकीकृत किया गया है, जिससे राजस्व विभाग के भू-लेख वेबसाइट से SGK पोर्टल पर उपलब्ध कृषकों के कृषि योग्य भूमि का डाटा स्वतः होगा ऑनलाइन सत्यापित होगा। साईबर सुरक्षा के दृष्टिगत SGK पर उपलब्ध गन्ना किसानों के समस्त आकड़ों आदि को और सुरक्षितं करने हेतु स्टेट डाटा सेन्टर सर्वर पर भी होस्ट किया गया। स्मार्ट गन्ना किसान (SGK) के माध्यम से कृषकों को गन्ना सर्वे सट्टा, कैलेन्डर, पर्ची की ऑनलाइन, रियल टाईम जानकारी, ” ई-गन्ना” मोबाइल ऐप वेब पोर्टल www.upcane.in के माध्यम से उपलब्ध हो रही है।
फार्म मशीनरी बैंकों में 979 कृषि यंत्रों यथा-ट्रैश मल्चर, रिवर्सिबल मोल्ड बोल्ड प्लाउ, रोटावेटर ट्रेंच प्लांटर, पावर स्प्रेयर, रैटून मैनेजमेंट डिवाइस के साथ-साथ 78 सक्षम समितियों में 55 हार्स पावर के टैक्टर भी उपलब्ध हैं। इसके साथ मिनी हार्वेस्टर को भी सक्षम समितियों में उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया है। गन्ना किसानों की समस्याओं का त्वरित निदान के लिए टोल-फ्री गन्ना किसान काल सेन्टर 1800-121-3203 की स्थापना से 24×7 किसानों की सुझावों समस्याओं, शिकायतों, का निदान सुनिश्चित कराया जा रहा हैं।
औसत गन्ना उत्पादकता 72.38 मी. टन प्रति.हे. (वर्ष 2016-17) से बढ़कर 83. 25 मी.टन प्रति हे. (वर्ष 2024-25) हो जाने के फलस्वरूप किसानों की आय में औसतन रूपया 400 प्रति कुन्तल की दर से रूपया 43,480 प्रति हे. की वृद्धि हुई है।
गन्ना विकास विभाग के इतिहास में पहली बार महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दिये जाने का निर्णय लिया गया, जिससे प्रदेश की लगभग 60,000 छोटी महिला गन्ना किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिल रहा है। गन्ना आच्छादित 37 जिलों में 3163 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया, जिसमें 57,322 ग्रामीण महिला उद्यमी पंजीकृत है इनमें 10,270 अनुसूचित जाति की महिलाएं और 130 अनुसूचित जन जाति की महिलाएं शामिल है। इन महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा अब तक गन्ने की 59.75 करोड़ सीडलिंग तैयार की गयी।
-4- प्रदेश में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत ड्रोन दीदीयों द्वारा 131 ड्रोन के माध्यम से गन्ना के खेतों में उर्वरकों एवं दवाओं का छिड़काव किया गया, इससे ड्रोन दीदीयों को बेहतर रोजगार का अवसर मिला है।
बूंद-बूंद से अधिक उत्पादन प्राप्त करने हेतु प्रदेश के 25,000 हे. गन्ना क्षेत्रफल ड्रिप इरीगेशन सयंत्र की स्थापना की गयी है। प्रदेश में टिश्यू कल्चर पद्धति को अपनाकर गन्ना किसानों को स्वस्थ्य, शुद्ध एवं उच्च गुणवत्ता के बीज गन्ना उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में गन्ना शोध परिषद व चीनी मिलों में स्थापित 13 टिश्यू कल्चर लैब से गन्ना विकास विभाग 15.90 लाख रोग रोधी पौधों को तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया है।
गन्ना मूल्य भुगतान में फिसड्डी 11 चीनी मिलों के खिलाफ वसूली प्रमाण पत्र तथा 11 चीनी मिलों के विरूद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज करायी गयी है।



