जी राम जी अधिनियम’ भ्रष्टाचार पर डिजिटल स्ट्राइक
मनरेगा से ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी व्यवस्था

महराजगंज। प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा दयालु ने कहा कि जी राम जी अधिनियम भ्रष्टाचार पर सीधी डिजिटल चोट है। यह व्यवस्था मनरेगा जैसी योजनाओं की तुलना में कहीं अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की “डिजिटल स्ट्राइक” है, जिसमें एक बटन दबते ही गड़बड़ियों पर रोक लग जाती है।
रविवार को महराजगंज दौरे पर पहुंचे प्रभारी मंत्री ने भाजपा जिला कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि जी राम जी अधिनियम में तकनीक के माध्यम से भुगतान और निगरानी की सशक्त व्यवस्था की गई है, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में फर्जी जॉब कार्ड, भुगतान में देरी और अधूरे कार्यों जैसी समस्याएं लंबे समय से सामने आती रही हैं, जबकि जी राम जी अधिनियम इन सभी कमजोरियों को दूर करता है।
125 दिन रोजगार, 185 दिन की गारंटी
विपक्ष के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए दयाशंकर मिश्रा ने कहा कि पहले प्रति परिवार 100 दिन के रोजगार की व्यवस्था थी, जिसे बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है, यानी 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी। इसके साथ ही खेती कार्य के लिए 60 दिन आरक्षित किए गए हैं, जिससे कुल 185 दिन के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित होती है।
उन्होंने बताया कि मजदूरी का भुगतान अब साप्ताहिक आधार पर होगा और यदि सात दिन के भीतर भुगतान नहीं हुआ तो ब्याज सहित भुगतान की गारंटी दी जाएगी। इसके अलावा, यदि 15 दिन के भीतर काम नहीं मिला, तो संबंधित व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता दिए जाने का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि जी राम जी अधिनियम के जरिए सरकार का लक्ष्य गरीब, मजदूर और किसानों को समय पर काम और पारदर्शी तरीके से भुगतान सुनिश्चित कराना है, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे।



