अखिलेश यादव का आरोप: SIR के नाम पर यूपी में 3 करोड़ वोट कटे, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

लखनऊ, 10जनवरी2026
समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची सामने आने के बाद लगभग तीन करोड़ वोट काट दिए गए हैं, जैसा कि पहले से आशंका जताई जा रही थी।
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और SIR की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अधिकारियों को लगाया गया। किसी भी राजनीतिक दल ने इस प्रक्रिया का विरोध नहीं किया, लेकिन अब जो नतीजे सामने आए हैं, वे चिंताजनक हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि पहले ही कहा जा चुका था कि करीब चार करोड़ वोट काटे जाएंगे।
‘साजिश की बू आ रही है’
अखिलेश ने कहा कि जब इतनी बड़ी कवायद हो और लाखों-करोड़ों वोट कट जाएं तो यह किसी साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने हर बूथ पर 200 वोट बढ़ाने की बात कही थी, जिससे संदेह और गहरा हो गया है। मेरठ और लखनऊ जैसे जिलों में बड़ी संख्या में वोट कटने का दावा भी उन्होंने किया।
चुनाव आयोग पर सवाल
सपा प्रमुख ने कहा कि चुनाव आयोग पर सवाल पहली बार नहीं उठाए जा रहे हैं। पहले भी पुलिस द्वारा मतदाताओं को रोकने के वीडियो और फोटो सामने आए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कुंदरकी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां निजी कपड़ों में वोट डालने की घटना हुई।
आधार से जोड़ने की मांग
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से मांग की कि वोटर आईडी को आधार से जोड़ा जाए, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम न कटें। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पूरे विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या 12 करोड़ 56 लाख है, जबकि पंचायत चुनाव में सिर्फ ग्रामीण मतदाताओं की संख्या 12 करोड़ 69 लाख बताई जा रही है, जो अपने आप में बड़ा सवाल है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ECI की मैपिंग के बाद करीब दो करोड़ वोट अनमैप्ड बताए गए हैं। साथ ही, जिला स्तर पर लगाए गए कुछ कर्मचारियों के आउटसोर्स होने और विचारधारा के आधार पर तैनाती के आरोप भी लगाए।
पीड़ित परिवार को मदद
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने SIR प्रक्रिया के दौरान मृतक बीएलओ के पीड़ित परिवार को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।
अखिलेश यादव ने कहा कि जो पात्र मतदाता हैं, उनके नाम हर हाल में मतदाता सूची में जोड़े जाने चाहिए और चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाना जरूरी है।



