वित्तीय वर्ष की उलटी गिनती शुरू, वसूली नहीं तो अधिकारियों पर गिरेगी गाज
नगर निगम में सख्ती का दौर, नगर आयुक्त बोले—लक्ष्य पूरा करो या कार्रवाई झेलो

लखनऊ।
वित्तीय वर्ष 2025–26 की समाप्ति में अब महज दो माह 13 दिन शेष हैं, लेकिन नगर निगम लखनऊ के कई जोनों में कर और करेत्तर वसूली की रफ्तार अब भी लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है। इसी को लेकर शनिवार देर शाम नगर आयुक्त गौरव कुमार ने सभी जोनों की सख्त समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दे दी—अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
नगर आयुक्त ने दो टूक कहा कि अब समय बेहद सीमित है और सिर्फ कागजों पर नहीं, मैदान में नतीजे दिखने चाहिए। उन्होंने गृहकर, जलकर, यूजर चार्ज, व्यवसायिक कर सहित अन्य करेत्तर मदों में वसूली को लेकर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि जिन जोनों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, वहां जिम्मेदार अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक के दौरान कमजोर प्रदर्शन करने वाले कर निरीक्षकों पर नगर आयुक्त का गुस्सा साफ नजर आया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन निरीक्षकों की वसूली लगातार कमजोर है, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। केवल नोटिस जारी करने तक सीमित न रहकर बड़े बकायेदारों पर कुर्की, सीलिंग और रिकवरी की कार्रवाई तेज करने के आदेश भी दिए गए।
यूजर चार्ज वसूली को लेकर भी नगर आयुक्त ने कोई नरमी नहीं दिखाई। जोनल सेनेटरी ऑफिसरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के अंतर्गत शत-प्रतिशत यूजर चार्ज वसूली हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यूजर चार्ज नगर निगम की आय का महत्वपूर्ण आधार है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे प्रशासनिक कार्रवाई को न्योता देगी।
बैठक में अपर नगर आयुक्त, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, सभी जोनल अधिकारी, जोनल सेनेटरी ऑफिसर और कर अधीक्षक मौजूद रहे। अधिकारियों के चेहरों पर तनाव साफ झलक रहा था, क्योंकि संदेश बिल्कुल स्पष्ट था—अब समय निकल चुका है, बहानों की कोई जगह नहीं।
नगर निगम मुख्यालय से मिले संकेतों के मुताबिक, आने वाले दिनों में शहरभर में सख्त वसूली अभियान, सीलिंग ड्राइव और बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
नगर आयुक्त का संदेश साफ और दो टूक है—या तो लक्ष्य पूरा करो, नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहो।



