लखनऊ में जोन की जंग! कुर्सी रोड के व्यापारियों में उबाल, नगर निगम की वसूली पर उठे सवाल

लखनऊ। राजधानी के कुर्सी रोड इलाके में इन दिनों नगर निगम की कार्रवाई को लेकर जबरदस्त असंतोष देखने को मिल रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम की अलग-अलग जोन की टीमें आकर उनसे वसूली कर रही हैं, जिससे भ्रम और नाराजगी की स्थिति बन गई है।
पीड़ित व्यापारियों के अनुसार, जब हाल ही में नगर निगम जोन-3 की टीम निरीक्षण के लिए पहुंची तो उन्हें पहली बार पता चला कि उनकी दुकानें जोन-3 क्षेत्र में आती हैं। लेकिन इससे पहले 24 फरवरी 2026 को नगर निगम जोन-7 की टीम क्षेत्र में पहुंची थी और कई दुकानदारों के 2000-2000 रुपये की रसीदें काटी गई थीं।
व्यापारियों का सीधा सवाल है—जब क्षेत्र जोन-3 में आता है तो फिर जोन-7 की टीम किसके आदेश पर कार्रवाई करने पहुंची? क्या यह प्रशासनिक चूक है या फिर वसूली का नया खेल?
कुर्सी रोड व्यापार मंडल के कुछ सदस्यों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “हमें समझ नहीं आ रहा कि आखिर हम किस जोन में आते हैं। एक टीम आती है और कहती है जोन-7, दूसरी कहती है जोन-3। आखिर सही कौन है?”
मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। व्यापारियों ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जोन सीमा स्पष्ट नहीं है तो पहले उसे सार्वजनिक किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दोहरी वसूली की नौबत न आए।
अब नजरें टिकी हैं नगर आयुक्त और महापौर पर। क्या इस मामले में कोई स्पष्ट आदेश जारी होगा? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
राजधानी में जोन की इस ‘जंग’ ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के आसार हैं।



