कंडक्टर होकर ऑफिस में तैनाती? आलमबाग बस टर्मिनल में वसीम सिद्दीकी पर अनधिकृत बैठने के आरोप

लखनऊ।
आलमबाग बस टर्मिनल पर तैनात कंडक्टर पद के कर्मचारी वसीम सिद्दीकी पर गंभीर अनियमितताओं और अवैध गतिविधियों के आरोप लगाए गए हैं। सूत्रों व शिकायतकर्ताओं के अनुसार, संबंधित कंडक्टर कथित रूप से अपने पद का दुरुपयोग करते हुए प्रबंधन कार्यालय में अनधिकृत रूप से बैठता है और नियमित ड्यूटी का पालन नहीं करता।
शिकायत में आरोप है कि बस टर्मिनल पर आने वाले अन्य कंडक्टरों से 20 से 50 रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है। बताया गया है कि यदि कोई कंडक्टर पैसे देने से इनकार करता है तो उसकी बस को टर्मिनल से बाहर कर दिया जाता है, जिससे मजबूरी में कंडक्टरों को भुगतान करना पड़ता है। आरोप यह भी है कि कभी-कभी नगद राशि के स्थान पर सामान मंगवाकर भी लाभ लिया जाता है।
इसके अतिरिक्त, बसों में सामान लदे होने की स्थिति में कंडक्टरों से 100 रुपये तक वसूले जाने के आरोप भी सामने आए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पूर्व में क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा संबंधित कर्मचारी को टर्मिनल से हटाकर रोड कंडक्टरी में भेजने के निर्देश दिए गए थे, बावजूद इसके वह फिर से टर्मिनल परिसर में सक्रिय है, जो प्रबंधन के आदेशों की अवहेलना मानी जा रही है।
महिला यात्रियों से पूछताछ के नाम पर अनुचित व्यवहार और व्यक्तिगत जानकारी लेने जैसे आरोप भी शिकायत में शामिल हैं, जिनकी निष्पक्ष जाँच की मांग की गई है। बताया गया है कि इस संबंध में पहले भी उच्च स्तर तक शिकायतें भेजी जा चुकी हैं।
शिकायतकर्ताओं ने परिवहन निगम प्रबंधन से मांग की है कि मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएँ तो संबंधित कर्मचारी को आलमबाग बस टर्मिनल से हटाकर अन्य स्थान पर नियमानुसार ड्यूटी पर भेजा जाए, ताकि टर्मिनल की कार्यप्रणाली पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे।



