“खटीमा मेरा घर है” : उत्तरायणी कौतिक मेले में मुख्यमंत्री धामी ने विकास योजनाओं का किया ऐलान
खटीमा को मिली नई सौगातें: पर्वतीय विकास भवन बनेगा, उत्तरायणी मेले को मिलेगी सरकारी मान्यता

खटीमा |
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा को कई महत्वपूर्ण सौगातें देते हुए घोषणा की कि क्षेत्र में पर्वतीय विकास भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी को भूमि चिन्हित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने उत्तरायणी मेले को राजकीय कैलेंडर में शामिल कर आर्थिक सहायता देने और मेला समिति के अनुरोध पर स्थायी मंच निर्माण की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री मंगलवार को खटीमा स्थित बीज निगम परिसर में कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान मंच द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौतिक मेले का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ कर रहे थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और मेलार्थी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरायणी कौतिक जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ रही है। आधुनिकता के दौर में अपनी सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत विकास के साथ-साथ सनातन संस्कृति के गौरव को भी विश्व पटल पर स्थापित कर रहा है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र से प्रेरित होकर राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विकास का आदर्श मॉडल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भावुक होते हुए कहा कि “खटीमा मेरे लिए सिर्फ एक विधानसभा नहीं, बल्कि मेरा घर है। यहीं से मेरी जनसेवा की यात्रा शुरू हुई और यहां का हर व्यक्ति मेरे परिवार का हिस्सा है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने खटीमा में हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई, पॉलीटेक्निक कॉलेज, 100 बेड का नया अस्पताल, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए राष्ट्रीय स्तर के अत्याधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण कराया है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए गदरपुर और खटीमा बाईपास, नौसर में पुल निर्माण तथा सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है। हाल ही में खटीमा और टनकपुर के बीच भव्य सैन्य स्मारक निर्माण की घोषणा भी की गई है, जिस पर शीघ्र कार्य प्रारंभ होगा। राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू की गई हैं, वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक ही वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। उन्होंने विपक्ष पर अफवाह और भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देवभूमि की संस्कृति और डेमोग्राफी से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने डीबीटी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि अब योजनाओं की धनराशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है। नंदा गौरा योजना के तहत प्रदेश की 40 हजार से अधिक बेटियों को 172 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।
मातृशक्ति को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति की असली वाहक महिलाएं हैं। उनका लक्ष्य उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है और यह लक्ष्य “विकल्प रहित संकल्प” है।
कार्यक्रम में मेयर दीपक बाली, नगर पालिका अध्यक्ष रामेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और भारी संख्या में मेलार्थी उपस्थित।



