गोमती नगर में सीवर का सैलाब, सड़कों पर बहता गंदा पानी; स्मार्ट सिटी के दावे फेल
लखनऊ: राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। गोमती नगर के पिकप भवन के पास शालीमार टावर के नजदीक सड़कों पर सीवर का गंदा पानी खुलेआम बह रहा है। यह पानी बरसात का नहीं, बल्कि जलकल विभाग की लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है और आसपास के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, इलाके में लंबे समय से सीवर लाइन जाम है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद जलकल विभाग और नगर निगम जोन–4 के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। सीवर का पानी फैलने से बदबू, फिसलन और संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह इलाका वीआईपी और प्रशासनिक भवनों के बेहद करीब है, इसके बावजूद व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। लोगों का आरोप है कि सफाई इंस्पेक्टर और संबंधित अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब शहर के विकास और स्मार्ट सिटी मॉडल देखने के लिए प्रभारी मंत्री और मेयर दूसरे राज्यों के दौरे करते हैं, तो जोन–4 की इस बदहाली पर ध्यान क्यों नहीं दिया जाता। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो इलाके में महामारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि खबर सामने आने के बाद नगर निगम और जलकल विभाग हरकत में आते हैं या फिर गोमती नगर के लोग यूं ही गंदगी और बदबू के बीच जीने को मजबूर रहेंगे।
