लखनऊ नगर निगम में सफाई व्यवस्था पर सख्ती, लापरवाह निरीक्षकों पर वेतन रोकने का आदेश

लखनऊ।
नगर निगम में सफाई व्यवस्था को लेकर नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई न करने और प्रतिबंधित पॉलीथिन के खिलाफ अभियान में लापरवाही बरतने वाले कई सफाई निरीक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं। नगर आयुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया है कि “काम दिखेगा तभी वेतन मिलेगा” और स्वच्छता में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जोन-01 और जोन-02 का शानदार प्रदर्शन
नगर निगम की विभागीय समीक्षा में सामने आया कि जोन-01 और जोन-02 ने गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई और जुर्माना वसूली में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
अप्रैल 2025 से 20 जनवरी 2026 तक:
- जोन-02 से ₹7,77,650 की वसूली
- जोन-01 से ₹7,72,400 की वसूली
दोनों जोनों ने मिलकर 30 लाख रुपये से अधिक की कुल वसूली में प्रमुख योगदान दिया।
कमजोर जोन कटघरे में
वहीं, जोन-05, जोन-08 और जोन-04 का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। कुछ निरीक्षकों द्वारा शून्य कार्रवाई दर्ज किए जाने से नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है।
1 से 20 जनवरी 2026 तक की कार्रवाई
इस अवधि में आठों जोनों से कुल ₹4,31,350 का जुर्माना वसूला गया।
- जोन-01: 81 कार्रवाई, ₹1,38,300
- जोन-02: 55 कार्रवाई, ₹99,700
- जोन-03: 64 कार्रवाई, ₹54,300
- जोन-04: 44 कार्रवाई, ₹13,550
- जोन-05: 16 कार्रवाई, ₹23,400
- जोन-06: 70 कार्रवाई, ₹22,100
- जोन-07: 40 कार्रवाई, ₹58,400
- जोन-08: 33 कार्रवाई, ₹21,600
लापरवाह निरीक्षकों पर गाज
नगर आयुक्त के निर्देश पर जिन सफाई निरीक्षकों का वेतन रोका गया है, उनमें शामिल हैं:
बाल गोविंद सिंगरौर, प्रमोद कुमार गौतम, विशुद्धानंद त्रिपाठी, रामजीत पांडेय, वीरभद्र सिंह, रश्मि शुक्ला और मोहम्मद नईम।
नगर आयुक्त का सख्त संदेश
नगर आयुक्त ने कहा कि शहर को स्वच्छ और अनुशासित बनाने के लिए अभियान और तेज किया जाएगा। गंदगी फैलाने वालों और नियम तोड़ने वालों पर सख्ती जारी रहेगी, जबकि काम में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम की इस सख्ती से आने वाले दिनों में लखनऊ की स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।



