गणतंत्र दिवस परेड में CMS की झाँकी ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ थीम पर आधारित, विश्व शांति और मानव एकता का देगी संदेश
‘जय जगत’ का नारा, विज्ञान और अध्यात्म का संगम: CMS की भव्य झाँकी का लखनऊ में औपचारिक अनावरण

लखनऊ | गणतंत्र दिवस विशेष
लखनऊ में गणतंत्र दिवस परेड को लेकर सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) की भव्य झाँकी का शनिवार को औपचारिक अनावरण किया गया। इस अवसर पर सी.एम.एस. की प्रबंधक प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने झाँकी की थीम और उद्देश्य को मीडिया के सामने विस्तार से प्रस्तुत किया।
प्रो. गीता गांधी किंगडन ने बताया कि इस वर्ष CMS की झाँकी ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘जय जगत’ की भावना पर आधारित है, जो पूरे विश्व को एक परिवार मानने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि यह झाँकी भारत की प्राचीन विचारधारा को सशक्त रूप में प्रस्तुत करती है, जिसमें मानवता, शांति और वैश्विक भाईचारे की भावना निहित है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा था—
“वसुधैव कुटुम्बकम् हजारों वर्षों से भारत की मूल दर्शन परम्परा रही है।”
प्रो.गीता गांधी किंगडन ने कहा कि मुख्यमंत्री के ये विचार CMS की झाँकी में सजीव रूप में दिखाई देते हैं।
‘जय जगत’ बना विद्यालय का ध्येय वाक्य
प्रो. किंगडन ने बताया कि सी.एम.एस. के संस्थापक स्व. डॉ. जगदीश गाँधी ने ‘जय जगत’ को विद्यालय का ध्येय वाक्य बनाया और अपना सम्पूर्ण जीवन विश्व शांति और मानव एकता के लिए समर्पित कर दिया। यह झाँकी भावी पीढ़ी को विश्व नागरिक बनने की प्रेरणा देती है और यह संदेश देती है कि शिक्षा केवल ज्ञान नहीं, बल्कि चरित्र, नैतिकता और वैश्विक उत्तरदायित्व का आधार है।
झाँकी के पाँच प्रमुख भाग
सी.एम.एस. की झाँकी को पाँच भागों में विभाजित किया गया है—
1.वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा
2.सर्वधर्म समभाव का संदेश
3.धार्मिक एकता का प्रतीकात्मक प्रदर्शन
4.सी.एम.एस. का थ्री-डी एजुकेशन मॉडल और स्व. डॉ.जगदीश गाँधी की प्रतिमा
5.विज्ञान और अध्यात्म का संगम, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ वैज्ञानिक प्रगति का संदेश देते नजर आते हैं।
भावविभोर करेगा झाँकी का गीत
झाँकी के साथ प्रस्तुत किया जाने वाला गीत भी दर्शकों को भावविभोर करेगा। इसके बोल हैं—
“परमपिता है एक, विश्व परिवार हमारा है,
सारे जग में गूंज उठे, जय जगत का नारा है।”
विश्व शांति का संदेश
गणतंत्र दिवस परेड में यह झाँकी न केवल दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी, बल्कि विश्व शांति, मानव एकता और वैश्विक भाईचारे का सशक्त संदेश भी देगी।



