शादी की सुबह दूल्हे को पैरालिसिस, ‘ना’ कहकर टाल दी बारात… फिर हुआ चमत्कार!

लखनऊ।
घर में शहनाइयों की गूंज, मेहमानों की रौनक और सज चुका था मंडप। लेकिन किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया कि शादी की सुबह ही दूल्हा अचानक चलने-फिरने और लिखने में असमर्थ हो गया। परिवार उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने गंभीर बीमारी Guillain-Barre syndrome (GBS) की पुष्टि की—एक ऐसी स्थिति, जिसमें अचानक शरीर में पैरालिसिस जैसे लक्षण उभर सकते हैं।
सुबह तक जो युवक सेहरा बांधने की तैयारी में था, वह कुछ ही घंटों में बिस्तर पर पड़ गया। घर में खुशियों की जगह सन्नाटा पसर गया। वर और वधु—दोनों परिवारों पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन हिम्मत नहीं टूटी। दोनों पक्ष एकजुट होकर इस मुश्किल घड़ी में साथ खड़े रहे।
“व्हीलचेयर पर फेरे?” दूल्हे ने कहा—नहीं!
हालात इतने बिगड़े कि दूल्हा पेन तक नहीं पकड़ पा रहा था। परिजन और शुभचिंतक दुविधा में थे—क्या फेरे व्हीलचेयर पर करा दिए जाएं? मगर युवक ने बिना एक पल गंवाए साफ मना कर दिया। उसका कहना था, “मुझे नहीं पता मेरा परिणाम क्या होगा, मैं किसी की जिंदगी अंधेर में नहीं छोड़ सकता।”
उसकी यह बात सुनकर हर आंख नम हो गई। बीमारी के बीच जिम्मेदारी और आत्मसम्मान की ऐसी मिसाल ने सभी को भावुक कर दिया।
हिम्मत, दुआ और इलाज ने बदली तस्वीर
इलाज शुरू हुआ। परिवार का साथ और डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई। कुछ ही दिनों में हालत सुधरने लगी। जो युवक पेन पकड़ने में असमर्थ था, वही बाद में सुंदर लिखावट में हनुमान चालीसा लिखता नजर आया। यह दृश्य देख परिजन भावुक हो उठे।
इस चमत्कारी सुधार का श्रेय लखनऊ स्थित Indu Medical Center की मेडिकल टीम को दिया जा रहा है। परिवारजनों ने विशेष रूप से वरिष्ठ चिकित्सक Dr Rajneesh Srivastava का हृदय से आभार जताया। उनका कहना है, “डॉ. श्रीवास्तव हमारे लिए फरिश्ता साबित हुए। उनके हाथ लगते ही जैसे मरीज में नई जान आ गई।” अस्पताल के पूरे स्टाफ की भी जमकर सराहना की गई।
अब फिर बजेगी शहनाई
आज वही दूल्हा पूरी तरह स्वस्थ होकर दोबारा शादी की तैयारियों में जुट गया है। परिवार में फिर से खुशियों का माहौल है। यह कहानी सिर्फ एक शादी की नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और चिकित्सा सेवा की मिसाल बन गई है।
जल्द ही इस संघर्ष और जीत की पूरी कहानी शादी के वीडियो के जरिए सामने आएगी—जहां बीमारी पर हिम्मत की जीत का जश्न मनाया जाएगा।



