उत्तर प्रदेश

लखनऊ जंक्शन के शताब्दी वर्ष पर सजी हेरिटेज प्रदर्शनी, इतिहास और तकनीक की झलक देखने उमड़े लोग

लखनऊ।
लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन के शताब्दी वर्ष (1926-2026) के अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल की ओर से स्टेशन परिसर में भव्य हेरिटेज प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी में रेलवे के गौरवशाली इतिहास, तकनीकी विकास और जनसेवा की परंपरा को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाई गई धरोहर फोटो गैलरी एक सदी के दौरान स्टेशन के विकास की कहानी बयां कर रही है। दुर्लभ तस्वीरों के माध्यम से स्टेशन की स्थापत्य भव्यता, ऐतिहासिक पड़ाव और रेलवे की बदलती तकनीक को दर्शाया गया है, जिसे देखने के लिए यात्रियों और शहरवासियों की भीड़ उमड़ रही है।

प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहां रेलवे के पुराने उपकरण और दस्तावेज प्रदर्शित किए गए हैं। इंजीनियरिंग विभाग के स्टॉल पर मीटर-गेज युग के उपकरण जैसे निरीक्षण ट्रॉली, रेल कटर, स्लीपर टॉन्ग, गेज लेवल और फिश प्लेट स्पैनर रखे गए हैं। वहीं सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग में यांत्रिक लीवर फ्रेम, सेमाफोर सिग्नल और टोकन प्रणाली जैसे उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं, जो कभी सुरक्षित रेल संचालन का अहम हिस्सा थे।

विद्युत विभाग ने पुराने बटन स्विच, एनालॉग ऊर्जा मीटर और फिलामेंट बल्ब प्रदर्शित किए हैं, जबकि वाणिज्य विभाग ने लकड़ी की बेंच, मुद्रित कार्ड टिकट, टिकट पंचिंग मशीन, पुराने आरक्षण चार्ट और पार्सल वजन मशीन को प्रदर्शनी में रखा है। कार्मिक विभाग के स्टॉल पर पुराने रेलवे पास और दस्तावेज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

रेलवे सुरक्षा बल के स्टॉल पर बॉडी वॉर्न कैमरा, वॉकी-टॉकी, लाठी, हथकड़ी और सुरक्षा जैकेट जैसे उपकरण रखे गए हैं। वहीं परिचालन, यांत्रिक और भंडार विभाग द्वारा गार्ड की सीटी, हैंड सिग्नल लैंप, पुराने कैमरे और एबीसी कपलर जैसे उपकरण भी प्रदर्शित किए गए हैं।

प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण 102 वर्ष पुरानी नैरो-गेज स्टीम लोकोमोटिव है, जिसे इंग्लैंड की कंपनी John Fowler & Company ने बनाया था। यह इंजन पहले महाराजगंज जिले के ट्रामवे मोटर ट्रांसपोर्ट स्कीम में वर्ष 1924 से 1982 तक संचालित रहा था।

इसके अलावा मैकेनिकल विभाग की ओर से स्टेशन पर चलाई जा रही टॉय ट्रेन बच्चों और परिवारों के लिए खास आकर्षण बनी हुई है। छोटे इंजन और खुले वैगन वाली यह ट्रेन बच्चों को रोमांचित कर रही है।

स्टेशन परिसर में एलईडी स्क्रीन पर लखनऊ मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर फिल्माई गई फिल्मों और वेब सीरीज के दृश्य भी दिखाए जा रहे हैं। साथ ही स्टेशन को रंगीन रोशनी, फूलों के बगीचों और आकर्षक फव्वारे से सजाया गया है, जिससे शताब्दी समारोह का माहौल और भी खास बन गया है।

मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने कहा कि लखनऊ जंक्शन का शताब्दी समारोह भारतीय रेलवे की सेवा, नवाचार और समर्पण की परंपरा का प्रतीक है। यह आयोजन अतीत की धरोहर को भविष्य की संभावनाओं से जोड़ने का प्रयास है।

यह प्रदर्शनी आम जनता और रेल यात्रियों, विशेष रूप से स्कूल-कॉलेज के छात्रों के लिए खुली है, ताकि नई पीढ़ी भारतीय रेलवे की समृद्ध विरासत से परिचित हो सके।

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