उत्तराखंड

कैंचीधाम बाईपास निर्णायक चरण में, पर्यटन सीजन से पहले खोलने के निर्देश: सीएम धामी

नैनीताल को जाम से मिलेगी राहत, कैंचीधाम और भवाली बाईपास का सीएम ने किया निरीक्षण

नैनीताल, 24 जनवरी 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी प्रशासनिक निर्णयों के चलते नैनीताल जनपद की बहुप्रतीक्षित कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम–रातीघाट) परियोजना तेजी से निर्णायक चरण की ओर बढ़ रही है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने नैनीताल भ्रमण के दौरान परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी यात्रा एवं पर्यटन सीजन से पूर्व बाईपास मार्ग को हर हाल में पूर्ण कर यातायात के लिए खोलना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन होता है और उन्हें सुचारु, सुरक्षित व सुविधाजनक यातायात सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस बाईपास के निर्माण से वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू ने बताया कि 18.15 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित बाईपास मार्ग में से 8 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कर हॉटमिक्स किया जा चुका है, जिस पर 12 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की गई है। शेष 10.15 किलोमीटर मार्ग में पहाड़ कटिंग कार्य हेतु स्वीकृत 5 करोड़ 6 लाख रुपये की धनराशि से कार्य पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में इस खंड में 9 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से कलमठ निर्माण, सुरक्षा दीवारों का निर्माण एवं अन्य आवश्यक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
परियोजना के अंतर्गत बाईपास को रातीघाट स्थित अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए 74.15 मीटर स्पान का मोटर पुल भी बनाया जा रहा है, जिसके लिए 9 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है और निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाईपास के पूर्ण होने से कैंचीधाम में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी, साथ ही पहाड़ी जनपदों की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक, सुगम और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा। यह परियोजना पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय आवागमन के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने 9 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत से निर्मित सैनिटोरियम से अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बाईपास सड़क और इसी मार्ग पर शिप्रा नदी पर बने 30 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस बाईपास के चालू होने से भवाली बाजार में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त होगी और पर्यटन सीजन में यात्रियों को निर्बाध आवागमन सुविधा मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की और उनकी सुरक्षा व कल्याण से संबंधित आवश्यक निर्देश दिए।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने बर्फबारी देखने पहुंचे विभिन्न राज्यों के पर्यटकों से भी बातचीत की। पर्यटकों ने उत्तराखण्ड की प्राकृतिक सुंदरता, बेहतर व्यवस्थाओं और सुरक्षित वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें यहां किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई और वे भविष्य में भी यहां आना चाहेंगे।

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