विश्व बाघ दिवस पर नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान में पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन, छात्रों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा

लखनऊ। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान, लखनऊ में गुरुवार को बाघ संरक्षण एवं वन्यजीवों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राणी उद्यान के निदेशक संजय कुमार बिस्वाल रहे।
कार्यक्रम में उप निदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला, वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अशोक कश्यप, डॉ. बृजेंद्र मणि यादव, क्षेत्रीय वन अधिकारी मुकेश चंद्र कांडपाल सहित प्राणी उद्यान के अधिकारी, कर्मचारी तथा शहर के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 70 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि संजय कुमार बिस्वाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाघ प्रकृति के संतुलन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोग बाघ को केवल खतरनाक जीव मानते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि बाघ बिना कारण किसी पर हमला नहीं करता। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में लगभग 400 बाघ हैं और जंगलों के पारिस्थितिक तंत्र (इकोसिस्टम) को संतुलित बनाए रखने में बाघों की अहम भूमिका है। इसलिए सभी को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक होकर उनकी सुरक्षा में सहयोग करना चाहिए।
प्रतियोगिता में छात्रों ने अपनी कल्पनाशीलता और कला के माध्यम से बाघ संरक्षण का प्रभावशाली संदेश दिया। निर्णायकों ने उत्कृष्ट चित्रों का चयन कर विजेताओं को सम्मानित किया।
जूनियर वर्ग के विजेता
प्रथम: प्रत्यक्ष राजपूत (कक्षा 7) – बाल विद्या मंदिर, लखनऊ
द्वितीय: माही कश्यप (कक्षा 8) – एमिक्स अकादमी, लखनऊ
तृतीय: अन्विता शुक्ला (कक्षा 8) – बाल विद्या मंदिर, लखनऊ
सांत्वना: आरव (कक्षा 8) – फ्यूचर प्रोग्रेसिव स्कूल, लखनऊ
सीनियर वर्ग के विजेता
प्रथम: तनिष्क गुप्ता (कक्षा 10) – बी.वी.एम., लखनऊ
द्वितीय: दिव्या विश्वकर्मा (कक्षा 10) – फ्यूचर प्रोग्रेसिव स्कूल, लखनऊ
तृतीय: सृष्टि सिंह (कक्षा 9) – बी.वी.एम., लखनऊ
सांत्वना: साक्षी साह (कक्षा 9) – हानर कॉलेज, लखनऊ
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए वन्यजीव संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों में प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।



