13 राज्यों में साइबर ठगी का नेटवर्क बेनकाब, विकासनगर पुलिस ने तीन जालसाज दबोचे

लखनऊ। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत विकासनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थानाध्यक्ष आलोक सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, आठ बैंक पासबुक, तीन चेकबुक, दो एटीएम कार्ड तथा 15 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुरकुट ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकासनगर के सेक्टर-एन2 निवासी सैफ (25), अलीगंज सेक्टर-सी निवासी रेहान खान (25) तथा जानकीपुरम के सरस्वती पुरम निवासी नीरज शर्मा (26) के रूप में हुई है।
पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपी गिरोह के सरगना लक्ष्य यादव, हिमांशु यादव और आदर्श ठाकुर के साथ मिलकर साइबर ठगी की रकम को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराते थे। इसके बाद बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड के माध्यम से रकम निकालकर नकद रूप में गिरोह के सरगनाओं तक पहुंचाई जाती थी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ तमिलनाडु, बिहार, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, केरल, गुजरात, तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा, पंजाब और मध्य प्रदेश समेत 13 राज्यों से 20 से अधिक शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने तथा परिजनों के बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम मंगवाकर कमीशन काटने के बाद एटीएम और चेक के जरिए नकदी निकालते थे। अब तक वे 16,22,999 रुपये गिरोह के सरगना तक पहुंचा चुके हैं।
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुरकुट ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस जांच कर रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किए जाने की संभावना है।
थानाध्यक्ष आलोक सिंह के नेतृत्व में गिरफ्तार करने वाली टीम उपनिरीक्षक आकाशदीप सिंह, राजेश कुमार यादव, जितेन्द्र कुमार सिंह, अतुल कुमार, विकुल मावी, महिला कांस्टेबल नेहा शर्मा, शिवानी तिवारी तथा कांस्टेबल राघवेन्द्र सिंह शामिल रहे।



