उत्तराखंड

आईटीआई प्रशिक्षित युवाओं को नहीं मिल रहा रोजगार, सीएम धामी ने जताई नाराजगी

कौशल विकास की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम धामी सख्त, बोले– प्रशिक्षण के साथ रोजगार सुनिश्चित करें

देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में कौशल विकास के अंतर्गत अब तक हुई कार्य प्रगति तथा स्किल प्राप्त युवाओं को फॉरवर्ड लिंकेज से जोड़ने को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में आईटीआई व तकनीकी संस्थानों से प्रशिक्षित युवाओं की बढ़ती संख्या के बावजूद उद्योगों में उनकी संतोषजनक प्लेसमेंट और वेतन न मिलने के कारणों पर गहन चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने इसे प्रबंधन, समन्वय और प्लेटफार्म स्तर पर कमी का संकेत बताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक ओर नाई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मिस्त्री, कारपेंटर जैसे दैनिक कार्यों के लिए कुशल श्रमिक उपलब्ध नहीं हो पाते, वहीं दूसरी ओर तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। इस विरोधाभास को दूर करने के लिए तकनीकी, शिक्षा, कौशल और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य की प्राथमिकता केवल स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्मार्ट मानव संसाधन तैयार करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने उद्योगों और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम तैयार करने, प्रशिक्षित ट्रेनर उपलब्ध कराने और आईटीआई व तकनीकी संस्थानों को अपग्रेड करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्तर पर बेसिक स्किल वर्कर, मध्यम तकनीक की वर्कफोर्स और उच्च कुशल तकनीकी वर्कफोर्स तैयार करने के लिए समेकित मॉडल विकसित करने को कहा, जिससे विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य को मजबूती मिल सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के लिए चयन होते ही युवाओं को रोजगार प्रदाता संस्थानों से टैग किया जाए, ताकि प्रशिक्षण के दौरान ही रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित हो। तकनीकी पाठ्यक्रमों को समयानुसार रिवाइज करने और छह माह, मध्य अवधि व दीर्घकालिक तीनों स्तरों पर परिणाम सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
सीएम धामी ने विदेशों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के लिए चयनित युवाओं को भारत सरकार की विभिन्न देशों के अनुरूप गाइडलाइंस साझा करने के निर्देश दिए, ताकि वे संबंधित देशों में आसानी से अनुकूलित हो सकें। इसके साथ ही सरकारी भर्तियों में पूर्ण पारदर्शिता और न्यायालय में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के भी निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उद्योगों को प्रशिक्षण प्रक्रिया में भागीदार बनाने का सुझाव दिया, जिससे मांग आधारित कौशल विकास संभव हो सके।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी संबंधित विभागों को एक साझा प्लेटफार्म पर आकर रोजगार और कौशल से जुड़े कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।
सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग सी. रविशंकर ने विभागीय प्रयासों, स्थानीय से लेकर ओवरसीज प्लेसमेंट तक की रणनीति पर प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, रंजीत सिन्हा, रविनाथ रामन, विनय शंकर पांडेय, दीपेंद्र चौधरी, डी.एस. गर्ब्याल, प्रमुख वन संरक्षक (HoFF) रंजन मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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