स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत लखनऊ नगर निगम का बड़ा फैसला, सफाई कर्मियों की वार्षिक हेल्थ जांच और कैंसर स्क्रीनिंग अनिवार्य
एक हफ्ते में होगी सफाई श्रमिकों की मेडिकल जांच, नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने जारी किए निर्देश

लखनऊ:
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 के मद्देनज़र लखनऊ नगर निगम ने सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य को लेकर अहम कदम उठाया है। नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि निगम के अंतर्गत कार्यरत सभी सफाई श्रमिकों का अनिवार्य रूप से वार्षिक चिकित्सा परीक्षण और कैंसर स्क्रीनिंग कराई जाएगी।
निर्देशों के अनुसार नगर निगम के अधीन कार्यरत नियमित, संविदा एवं कार्यदायी संस्थाओं के सभी सफाई कर्मियों की यह जांच एक सप्ताह के भीतर कराना सुनिश्चित किया जाएगा। जांच निकटतम राजकीय चिकित्सालय, 108 अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यू-पीएचसी) या शहर के 8 शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (यू-सीएचसी) में कराई जा सकेगी।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि जांच के बाद निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट तैयार कर एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सभी कर्मियों की ओपीडी पर्ची, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य संबंधित दस्तावेजों को संकलित कर प्रस्तुत करना भी अनिवार्य होगा।
नगर निगम का मानना है कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय रहते जांच से सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य में सुधार होगा, साथ ही उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। इससे शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी और स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा।



