यूपी के एमएसएमई को ग्लोबल मार्केट से जोड़ेगा वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम
योगी सरकार का बड़ा कदम, एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो व वालमार्ट के बीच हुआ एमओयू

लखनऊ | 8 जनवरी 2026
उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार के एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो (ईपीबी) और वॉलमार्ट इंक के बीच वॉलमार्ट वृद्धि सप्लायर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत एक रणनीतिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह एमओयू आइडियाज टू इंपैक्ट फाउंडेशन के माध्यम से किया गया है।
यह समझौता तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा। इसके तहत प्रदेश के एमएसएमई को डिजिटल ऑनबोर्डिंग, ई-कॉमर्स, पैकेजिंग, क्वालिटी, सर्टिफिकेशन और ग्लोबल मार्केट एक्सेस से जुड़ी व्यापक ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यूपी के एमएसएमई को घरेलू और वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़कर निर्यात को बढ़ावा देना और रोजगार सृजन को गति देना है। वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के अंतर्गत उद्यमियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण और मेंटरशिप दी जाएगी, जिससे वे घरेलू और सीमा-पार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पादों की प्रभावी मौजूदगी दर्ज करा सकें।
योगी सरकार की उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 में ई-कॉमर्स निर्यात पर विशेष फोकस किया गया है। नीति के तहत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पहली बार लिस्टिंग कराने वाले निर्यातकों को राज्य सरकार द्वारा 75 प्रतिशत तक शुल्क की एकमुश्त प्रतिपूर्ति की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा तीन लाख रुपये तय की गई है। इससे प्रदेश के एमएसएमई के लिए वैश्विक बाजार में प्रवेश की बाधाएं कम होंगी।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह में अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन और एनआरआई विभाग आलोक कुमार के साथ वॉलमार्ट, फ्लिपकार्ट और ईपीबी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर आलोक कुमार ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश का उभरता हुआ निर्यात और ई-कॉमर्स हब बन रहा है। एमएसएमई प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और यह साझेदारी उनके लिए नए अवसर, नए बाजार और नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।



